Bhiwadi News: भिवाड़ी ने राजस्व में 230 करोड़ की राशि एसजीएसटी और वैट से जमा कराई

bhiwadi tax (Gst) department

Bhiwadi News: क्षेत्र में आय और व्यय के बारे में बात करें, तो यहां आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) के तहत, भिवाड़ी जोन ने गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक राजस्व प्राप्त किया है। फरवरी माह में, 108 करोड़ रुपये का एसजीएसटी प्राप्त हुआ था, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 123 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। एसजीएसटी में 15 करोड़ की वृद्धि हुई है।

वहीं, वैट में भी वृद्धि हो रही है, जिससे विभाग को राहत मिल रही है। भिवाड़ी जोन को बढ़ाकर राजस्व लक्ष्य दिए गए हैं और यहां के ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी वृद्धि हुई है।

लोकल इकाइयों में बनाई गई वाहनों के मॉडल बाजार में अच्छे भाव में बिक रहे हैं। जिससे यहां का ऑटो सेक्टर भी मजबूत हो रहा है।

सर्वे में 5.58 करोड़ की रिकवरी

विभाग ने सर्वे कार्रवाई के दौरान एक ही फैक्ट्री से 5.58 करोड़ की रिकवरी की है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसपोर्ट जांच के दौरान एक गाड़ी को पकड़ा गया। ट्रक में प्लास्टिक दाना भरा हुआ था। ई वे बिल की जांच में पाया गया कि उक्त वाहन के एक ही समय पर दो ई वे बिल जारी किए गए थे।

यह भी पढ़े: Bhiwadi SP Jyeshtha Maitrei ने गोकशी के मामले में उठाया नया कदम, भिवाडी थानो में मची अफरा तफरी

दूसरा ई वे बिल एल्युमिनियम फॉइल का था। संदेह के आधार पर संबंधित फर्म का सर्वेक्षण किया गया। उक्त फर्म माल की वास्तविक डिलीवरी लिए बिना आईटीसी का गलत लाभ उठा रही थी। इस पर फर्म से 2.65 करोड़ नगद जमा कराए गए और 2.73 करोड़ की आईटीसी रिवर्सल कराया गया। फर्म द्वारा दवाओं का उत्पादन किया जाता है।

See also  भिवाड़ी के पास के गांव के दो स्कूलों में चोरी, फूलबाग थाना क्षेत्र की घटना

वैट में लगातार वृद्धि

गत वर्षों में गर्मी के मौसम में वैट में वृद्धि देखने को मिलती थी और सर्दी के सीजन में कमी आती थी। लेकिन इस बार सर्दियों में भी वैट में बढ़ोत्तरी हुई है। इसके पीछे विभागीय अधिकारी क्षेत्र में नई पेय पदार्थ इकाइयों द्वारा उत्पादन शुरू किए जाने और उन्हें अच्छी तादाद में ऑर्डर मिलना बता रहे हैं।

उत्तर भारत में सर्दियों में बीयर की खपत भले ही कम हो जाती है लेकिन कुछ राज्यों में सामान्य मौसम रहने से खपत बरकरार रहती है। वहां से इस बार भिवाड़ी की फैक्ट्रियों को बड़ी संख्या में ऑर्डर मिले हैं।

इस प्रयास से राजस्व में वृद्धि के बारे में संभावना है और सर्वेक्षण और सर्वे में सुधार होने से करोड़ों रुपये की रिकवरी हो रही है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *